किसीने मुझसे पुछा, "मेरे पास सब कुछ है, बंगला है, कार है, बीबी है, बच्चे है, पैसा है, पद और प्रतिष्ठा भी है फिर भी कुछ खाली सा लगता है, क्या वजह हो सकती है?"
मैने कहा, "सब कुछ पाने के लिये खुद को हि खो दिया तो क्या पाया?"
"और सब कुछ पाकर साथ लेकर भी क्या जाओगे?"
"और अगर खुद को हि पा लिया तो पाने के लिये और बचता भी क्या है?"
ध्यान क्या है?
ध्यान कुछ ऐसा नहीं के किसी के चरणों में जा गिरे और समर्पित हो गए| ध्यान का मतलब है होश में जीना| देखना अपने मन के गतिविधियोंको| भय, क्रोध, इर्षा और इतर सभी मनोआवेगोंको देखना ही ध्यान है| यह ध्यान कभी भी और कही भी हो सकता है| ध्यान के लिए किसी खास जगह या शांति की जरुरत नहीं है| ध्यान के लिए किसी गुरु या किसी विधि की भी जरुरत नहीं है| ध्यान को किसी भी क्रिया के साथ आप जोड़ सकते है|